
वर्ष 2011 में भी बने थे विंबलडन विजेता
लंदन। शीर्ष वरीयता प्राप्त सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने अपनी तीखी सर्विस और करारे शाट की बदौलत रोजर फेडरर का आठवां खिताब जीतने का सपना तोड़कर विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट 2014 का पुरुष एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। जोकोविच ने पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी की। उन्होंने लगभग चार घंटे तक चले मैराथन मुकाबले में 6-7, 6-4, 7-6, 5-7 व 6-4 से जीत दर्ज की। यह 2011 के चैंपियन जोकोविच का दूसरा विंबलडन खिताब है। इस जीत से वे राफेल नडाल की जगह फिर से दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भी बन गए हैं। यह उनके कॅरिअर का सातवां ग्रैंडस्लैम खिताब है। इस सर्बियाई खिलाड़ी को खिताब जीतने पर 1,760,000 पौंड की इनामी राशि मिली, जबकि 17 बार ग्रैंडस्लैम चैंपियन 32 वर्षीय फेडरर को 880,000 पौंड की राशि से संतोष करना पड़ा। सात बार के चैंपियन फेडरर रिकार्ड आठवें खिताब की कवायद में लगे हुए थे, लेकिन विलियम रेनशा और पीट संप्रास को पीछे छोडऩे में नाकाम रहे। खिताब जीतने पर वे ओपन युग में सबसे अधिक उम्र के खिताब जीतने वाले खिलाड़ी भी बन जाते।