Today: Saturday Oct 16, 2021

भारत के नदियों के किनारे बसे नगर

Posted on May 04 2020 | Author: Ashok Sharma

कम्पीटिशन एग्जाम्स में नदियों और उनके किनारे बसे शहरों के बारे में कई बार प्रश्न पूछे जाते हैं। इसीलिए हम आपके  लिए लाए है भारत की मुख्य नदियां और उन नदियों के किनारे बसे नगर।

1. हरिद्वार (उत्तराखंड) - गंगा

हरिद्वार उत्तराखण्ड के हरिद्वार जिले का एक पवित्र नगर तथा हिन्दुओं का प्रमुख तीर्थ है। यह बहुत प्राचीन नगरी है। हरिद्वार हिन्दुओं के सात पवित्र स्थलों में से एक है। लगभग 3139 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गंगा नदी अपने स्रोत  गंगोत्री हिमनद से लगभग 253 किमी की यात्रा करके हरिद्वार के  मैदानी क्षेत्र में प्रथम प्रवेश करती है। इसलिए हरिद्वार को 'गंगाद्वार' के नाम से भी जाना जाता है; जिसका अर्थ है वह स्थान जहाँ पर गंगाजी मैदानों में प्रवेश करती हैं। हरिद्वार का अर्थ है 'हरि का द्वार'।

2. पटना (बिहार) - गंगा

पटना बिहार राज्य की राजधानी है। पटना का प्राचीन नाम पाटलिपुत्र, पुष्पपुरी, कुसुमपुर था। पटना गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर अवस्थित है जहां पर गंगा घाघरा, सोन और गंडक जैसी सहायक नदियों से मिलती है।

3. कानपुर (उत्तर प्रदेश) - गंगा

गंगा के किनारे पर स्थित, कानपुर उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शहर में से एक है। राज्य की औद्योगिक राजधानी अपने रासायनिक, कपड़ा और चमड़ा उद्योगों के लिए जानी जाती है

4. आगरा (उत्तर प्रदेश) - यमुना

आगरा उत्तर प्रदेश राज्य में यमुना नदी के तट पर स्थित एक नगर है। यह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से लगभग  206 किलोमीटर यानी 128 मील दक्षिण में स्थित है। आगरा अपनी कई मुगलकालीन इमारतों के कारण एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इनमें विशेषकर ताजमहल, आगरा का किला और फतेहपुर सीकरी है, जो सभी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं।

5. प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) - गंगा-यमुना सरस्वती संगम

प्रयागराज एक त्रिवेणी संगम बनाता है। त्रिवेणी संगम यानी तीन नदियो का संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती) । धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक कुम्भ मेला भी प्रत्येक 12 वर्षों में यही लगता है। 

6. मथुरा (उत्तर प्रदेश) - यमुना नदी

यमुना गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो कि यमुनोत्री नामक जगह से निकलती है और प्रयागराज में गंगा से मिल जाती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियों में चम्बल, सेंगर, छोटी सिन्धु, बेतवा और केन उल्लेखनीय हैं। यमुना के तटवर्ती नगरों में दिल्ली और आगरा के अतिरिक्त इटावा, कालपी, हमीरपुर और प्रयाग मुख्य है। प्रयाग में यमुना एक विशाल नदी के रूप में प्रस्तुत होती है और वहाँ के प्रसिद्ध ऐतिहासिक किले के नीचे गंगा में मिल जाती है।

7. श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) - झेलम नदी

झेलम नदी वूलर झील से निकलने के बाद मुजफ्फराबाद से मंगला तक भारत-पाकिस्तानसीमा के समानांतर बहती है। झेलम पाकिस्तान में झंगके निकट चिनाब नदी से मिल जाती है। इस नदी का वैदिक नाम वितस्ता है।

8. सम्बलपुर (ओडिशा) - महानदी

महानदी सम्बलपुर जिले को विभक्त करती है। यह जिला तरंगित समतल है, जिसमें कई पहाडिय़ाँ हैं। इनमें से सबसे बड़ी पहाड़ी लगभग 300 वर्ग मील में फैली हुई है। जिले में महानदी के पश्चिमी भाग में सघन खेती होती है और पूर्वी भाग के अधिकांश में जंगल हैं।

9. विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) - कृष्णा

कृष्णा नदी पश्चिमी घाट के पर्वत महाबलेश्वर से निकलकर दक्षिण-पूर्व राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में बहती हुई बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है। दो हज़ार वर्ष पुराने विजयवाड़ा शहर को बैजवाड़ा के नाम से भी जाना जाता है।

10. हैदराबाद (तेलंगाना) - मूसी

मूसी नदी, कृष्णा नदी की एक सहायक नदी है। मूसी नदी हैदराबाद को पुराने व नए हैदराबाद में बांटती है। मूसी नदी का उद्गम स्थल विकाराबाद के निकट अनंतगिरि पहाडिय़ों में है।

11. कटक (ओडिशा) - महानदी

कटक भारत के ओडि़शा प्रान्त का एक नगर है। यह कटक जिले के अन्दर आता है। कटक ओडि़शा का एक प्राचीन नगर है, जो रौप्य नगर के नाम से भी जाना जाता है। इसका इतिहास एक हजार वर्ष से भी ज्यादा पुराना है। करीब नौ शताब्दियों तक कटक ओडि़शा की राजधानी रहा और आज यहां की व्यावसायिक राजधानी के रूप में जाना जाता है।

12. जबलपुर (मध्य प्रदेश) - नर्मदा नदी

नर्मदा नदी की उत्पत्ति मैकल पर्वत के अमरकण्टक शिखर से हुई है। यह नदी पश्चिम की तरफ जाकर खम्बात की खाड़ी में गिरती है। नर्मदा को मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कहा जाता है। नर्मदा नदी जबलपुर के नजदीक नदी भेड़ाघाट के पास करीब 9 मीटर का जल-प्रपात बनाती हैं, यह वाटरफाल धुआँधार के नाम से प्रसिद्ध हैं।

13. कोलकाता (पश्चिम बंगाल) - हुगली

हुगली भारत की एक नदी है। जो गंगा नदी की सहायक नदी है। इसको विश्व की सबसे अधिक विश्वास घाती नदी कहते है। इसी के तट पर कोलकाता बन्दरगाह स्थित है जिसको पूर्व का लंदन कहा जाता है।

14. पंढरपुर (महाराष्ट्र) - भीमा नदी

भीमा नदी, कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदी है। इस नदी को भीमरथी नदी के नाम से भी जाना जाता है। यह महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों से होकर बहती है। इसका उदग्म पश्चिमी घाट की भीमशंकर पर्वतश्रेणी से होता है और यह महाराष्ट्र में लगभग 725 किमी दक्षिण-पूर्व की ओर बहने के बाद कर्नाटक में कृष्णा नदी से जा मिलती है।

15. डिब्रूगढ़ (असम) - ब्रह्मपुत्र

ब्रह्मपुत्र के किनारे स्थित शहरों में डिब्रूगढ़, तेजपुर एंव गुवाहाटी प्रमुख हैं। ब्रह्मपुत्र की औसत गहराई 252 मीटर तथा अधिकतम गहराई 318 मीटर है।

16. दिल्ली (केन्द्र शासित प्रदेश) - यमुना

यमुना नदी के किनारे स्थित दिल्ली का गौरवशाली पौराणिक इतिहास है। इसके इतिहास का प्रारम्भ सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ है। महाभारत काल में दिल्ली का नाम इन्द्रप्रस्थ था। दिल्ली सल्तनत के उत्थान के साथ ही दिल्ली एक प्रमुख राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक शहर के रूप में उभरा है। 

17. वाराणसी (उत्तर प्रदेश) - गंगा नदी

वाराणसी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक प्रसिद्ध नगर है। इसे 'बनारस' और 'काशी' भी कहते हैं। इसे हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र नगरों में से एक माना जाता है और इसे अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है। इसके अलावा बौद्ध एवं जैन धर्म में भी इसे पवित्र माना जाता है। यह संसार के प्राचीनतम बसे शहरों में से एक है और भारत का प्राचीनतम बसा शहर है।

18. बरेली (उत्तर प्रदेश) - रामगंगा

रामगंगा नदी भारत की प्रमुख तथा पवित्र नदियों में से एक हैं। स्कंदपुराण के अनुसार इसे रथवाहिनी के नाम से भी जाना जाता है। उत्तराखण्ड के हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं के कुमाऊँ मण्डल के अन्तर्गत अल्मोड़ा जिले के दूनागिरी के विभिन्न प्राकृतिक जलस्रोत से निकलकर कई गधेरों अर्थात लघु सरिताओं के रूप में तड़ागताल पहुंचते हुए इस झील का कोई मुहाना नहीं है। इसलिए चन्द कदमों की दूरी के उपरान्त स्वच्छ स्वेत धवल सी भूगर्भ से निकलती है और इसी अस्तित्व में प्रकट होकर रामगंगा नाम से पुकारी जाती है। 

19. उज्जैन (मध्य प्रदेश) - क्षिप्रा नदी

क्षिप्रा नदी मध्यप्रदेश में बहने वाली एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक नदी है। यह भारत की पवित्र नदियों में एक है। उज्जैन में कुम्भ का मेला इसी नदी के किनारे लगता है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वरम् भी यही है। यह इंदौर एवं देवास के मध्य क्षिप्रा नामक स्थान से निकलती है।

20. लुधियाना (पंजाब) - सतलज

लुधियाना भारत के पंजाब प्रांत का एक शहर है। इसका प्राचीन नाम लोदी-आना था। जो कि लोदी वन्श के नाम पर था। सतलज नदी के किनारे स्थित यह शहर सन् 1480 में दिल्ली के लोदी वंश द्वारा स्थापित किया गया था। लुधियाना में सन् 1845 में प्रथम सिख युद्ध की एक बड़ी लड़ाई लड़ी गयी थी। लुधियाना अब पंजाब का सबसे अधिक आबादी वाला महानगरीय शहर है।

21. फिरोजपुर (पंजाब) - सतलज

सतलुज नदी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सरहद को सात बार क्रॉस करती है। फिरोजपुर से फाजिल्का जिले तक सतलुज की धारा कभी पाकिस्तान में बहती है तो कभी भारत में। 

22. अयोध्या (उत्तर प्रदेश) - सरयू नदी

सरयू नदी हिमालय से निकलकर उत्तरी भारत के गंगा मैदान में बहने वाली नदी है जो बलिया और छपरा के बीच में गंगा में मिल जाती है। इसके अन्य नाम घाघरा, सरजू, और शारदा भी है। सरयू नदी की प्रमुख सहायक नदी राप्ती है जो इसमें उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरहज नामक स्थान पर मिलती है। इस क्षेत्र का प्रमुख नगर गोरखपुर इसी राप्ती नदी के तट पर स्थित है और राप्ती तंत्र की अन्य नदियाँ आमी, जाह्नवी इत्यादि हैं जिनका जल अंतत: सरयू में ही मिलता है।

23. नासिक (महाराष्ट्र) - गोदावरी

नासिक भारत के महाराष्ट्र राज्य का एक शहर है। नसिक महाराष्ट्र के उत्तर पश्चिम में मुम्बई से लगभग 150 किमी और पुणे से लगभग 205 किमी की दुरी में स्थित है। यह शहर प्रमुख रूप से हिन्दू तीर्थयात्रियों का प्रमुख केन्द्र है। नासिक पवित्र गोदावरी नदी के तट पर स्थित है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 565 मीटर है। इस शहर का सबसे प्रमुख भाग पंचवटी है।

24. श्रीरंगपटनम (कर्नाटक) - कावेरी

श्रीरंगपट्टण भारत के कर्नाटक राज्य के मांडया जिले में स्थित एक नगर है। यह मैसूरु के पास स्थित है। हालाँकि यह मैसूर शहर से मात्र 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस पूरे शहर पर कावेरी नदी छाई हुई है जिससे यह एक नदी का टापू बनता है।

25. अहमदाबाद (गुजरात) - साबरमती

साबरमती नदी का उद्गम राजस्थान के उदयपुर जिले में अरावली पर्वतमालाओं से होता है और फिर राजस्थान और गुजरात में दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर बहते हुए लगभग 371 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यह अरब सागर की खंभात की खाड़ी में गिर जाती है। नदी की लम्बाई राजस्थान में 48 किलोमीटर, और गुजरात में लगभग 323 किलोमीटर है। साबरमती गुजरात की प्रमुख नदी है इसके तट पर राज्य के अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे प्रमुख नगर बसे हैं, और धरोई बाँध योजना द्वारा साबरमती नदी के जल का प्रयोग गुजरात में सिंचाई और विद्युत् उत्पादन के लिए होता है।

26. सूरत (गुजरात) - ताप्ती नदी

ताप्ती पश्चिमी भारत की प्रसिद्ध नदी है। यह मध्य प्रदेश राज्य के बैतूल जिले के मुलताई से निकलकर सतपुड़ा पर्वतप्रक्षेपों के मध्य से पश्चिम की ओर बहती हुई महाराष्ट्र के खानदेश के पठार एवं सूरत के मैदान को पार करती हुई अरब सागर में जा मिलती है। यह नदी लगभग 740 किलोमीटर का सफर तय करती है। सूरत बन्दरगाह इसी नदी के मुहाने पर स्थित है। इसकी प्रधान उपनदी का नाम पूर्णा है। इस नदी को सूर्यपुत्री भी कहा जाता है।

27. कोटा (राजस्थान) - चंबल

चंबल नदी मध्य भारत में यमुना नदी की सहायक नदी है। यह नदी जानापाव पर्वत के बाचू पाईट महू से निकलती है। इसका प्राचीन नाम चरमावती है। इसकी सहायक नदिया शिप्रा, सिंधू, काली सिन्ध, ओर कुनू नदी है। यह नदी भारत में उत्तर तथा उत्तर-मध्य भाग में राजस्थान के कोटा तथा धौलपुर, मध्य प्रदेश के धार, उज्जैन, रतलाम, मन्दसौर, भिंड, मुरैना आदि जिलो से होकर बहती है। इस नदी पर चार जल विधुत परियोजना चल रही है पहली गांधी सागर दूसरी राणा सागर तिसरी जवाहर सागर और चौथी कोटा बैराज है।

28. बद्रीनाथ (उत्तराखंड) - अलकनंदा

अलकनन्दा गंगा की सहयोगी नदी हैं। इसका प्राचीन नाम विष्णुगंगा है। इसकी
सहायक नदियां- सरस्वती, ऋषिगंगा, लक्मनगंगा, पश्चिमी धोलीगंग, बालखिल्य, बिरहिगंगा, पातालगंगा, गरुनगंगा, नंदाकिनी, पिंडर, मंदाकिनी है। चार धामों में गंगा के कई रूप और नाम हैं। गंगोत्री में गंगा को भागीरथी के नाम से जाना जाता है, केदारनाथ में मंदाकिनी और बद्रीनाथ में अलकनन्दा। अलकनंदा नदी घाटी में लगभग 195 किमी तक बहती है।

29. जमशेदपुर (झारखंड) - स्वर्ण रेखा

स्वर्ण रेखा भारत के झारखंड राज्य में बहने वाली एक पहाड़ी नदी है। यह राँची नगर से लगभग 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित नगड़ी गाँव में रानी चुआं नामक स्थान से निकलती है और उत्तर पूर्व की ओर बढ़ती हुई मुख्य पठार को छोड़कर प्रपात के रूप में गिरती है। इस प्रपात को हुन्डरु जलप्रपात कहते हैं। 

30. लखनऊ (उत्तर प्रदेश) - गोमती

गोमती उत्तर भारत में बहने वाली एक प्रमुख नदी है। इसका उद्गम पीलीभीत जिले की तहसील माधौटान्डा के पास फुल्हर झील से होता है। इस नदी का बहाव उत्तर प्रदेश में लगभग 900 कि.मी. तक है। यह वाराणसी के निकट सैदपुर के पास कैथी नामक स्थान पर गंगा में मिल जाती है।  पुराणों के अनुसार गोमती ब्रह्मर्षि वशिष्ठ की पुत्री हैं।  

31. गुवाहाटी (असम) - ब्रह्मपुत्र

ब्रह्मपुत्र नदी लगभग 2900 किलोमीटर लम्बी नदी है। ब्रह्मपुत्र का नाम तिब्बत में सांपो, अरुणाचल में डिहं तथा असम में ब्रह्मपुत्र है। ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश की सीमा में जमुना के नाम से दक्षिण में बहती हुई गंगा की मूल शाखा पद्मा के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती है।

New Release