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करेंट अफेयर्स 2022 : देश का पहला स्वदेशी वायुयान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत का जलावतरण

Posted on Sep 06 2022 | Author: Ashok Sharma

  • केरल के कोचीन में 2 सिंतबर, 2022 को भारतीय नौसेना के इतिहास के सबसे बड़े और पहले स्वदेशी वायुयान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत का जलावतरण किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका जलावतरण किया।
  • आईएनएस विक्रांत का डिजाइन भारतीय नौसेना की अपनी संस्था वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है तथा इसका निर्माण पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की शिपयार्ड कंपनी, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है। भारत के पहले विमान वाहक पोत 'विक्रांत' के नाम पर ही इसका नामकरण किया गया है।
  • 262.5 मीटर लंबा और 61.6 मीटर चौड़ा विक्रांत का वजन लगभग 43,000 टन है। इसकी अधिकतम रफ्तार 28 नॉट की बनाई गई है और यह 7,500 नॉटिकल माइल तक की रफ्तार झेल सकता है। पोत में 2,200 कंपार्टमेंट हैं, जिसमें महिला अफसरों और नाविकों को मिलाकर लगभग 1600 कर्मी रह सकते हैं।
  • आईएनए, विक्रांत पर 30 वायुयान की क्षमता है, जिनमें मिग-29के युद्धक विमान, कामोव-31, एमएच-60आर बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इसमें शॉर्ट टेक-ऑफ बट एरेस्टेड रिकवरी (स्टोबार) नामक एक नई वायुयान संचालन प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • आईएनएस विक्रांत को लॉन्चिंग एयरक्राफ्ट के लिये एक स्की-जम्प तथा विमानों के पोत पर ही रोकने के लिये 'अरेस्टर वायर्स' से भी लैस किया गया है। आईएनएस में 76 प्रतिशत स्वदेशी सामान लगा है।
  • आईएनएस विक्रांत हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सुरक्षा करेगा। इस पर विमान उतारने का परीक्षण नवंबर में शुरू होगा, जो 2023 के मध्य तक पूरा हो जाएगा।
  • विक्रांत के सेवा में आने के साथ ही भारत इस क्षेत्र में अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन और फ्रांस जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास विमान वाहक पोत बनाने की क्षमता है।

     

  • नौसेना के नया ध्वज का अनावरण

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 सितंबर, 2022 को केरल के कोच्चि स्थित कोचीन में शिपयार्ड में भारतीय नौसेना के नए ध्वज (निशान) का अनावरण किया। नौसेना के सफेद ध्वज में दो प्रमुख घटक जोड़े गए हैं- 1. ऊपर बाएं तरफ राष्ट्रीय ध्वज और 2. बीच में गहरा नीला स्वर्ण अष्टभुजा आकार (स्तंभ से हटकर)। अष्टभुजा आकार में दो दोहरे स्वर्ण अष्टकोणीय छोर बने हैं, जो स्वर्ण राष्ट्रीय चिह्न (अशोक का सिंहचतुर्मुख स्तम्भशीर्ष) स्थित है। नीले रंग में देवनागरी लिपि में 'सत्यमेव जयते' अंकित है। इसे एक ढाल पर अंकित किया गया है। ढाल के नीचे, अष्टभुजाकार के भीतर, सुनहरे किनारे वाला रिबन बना है, जो गहरे नीले रंग के ऊपर है। वहां सुनहरे अक्षरों में भारतीय नौसेना का ध्येय-वाक्य 'शं नो वरुण:' लिखा है। ध्वज पर से रेडक्रॉस (लाल रंग की दो पट्टियां) हटा दिया गया है।
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