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क्या होता है प्रक्षेपण यान

Posted on Jul 18 2014 | Author: Site Admin

उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले जाने वाले विशाल रॉकेट प्रक्षेपण यान के रूप में जाने जाते हैं। प्रक्षेपण यान में तीन या चार चरण होते हैं। पृथ्वी की सतह से निकलने के बाद प्रक्षेपण यान एक उपग्रह/अंतरिक्ष यान को उसकी कक्षा में स्थापित करने के लिए दस से तीस मिनट के बीच का समय लेता है। भारत में प्रक्षेपण यानों के विकास कार्यक्रम की शुरुआत 1970 के दशक के प्रारंभ में हुई। प्रथम प्रायोगिक प्रक्षेपण यान (एसएलवी-3) 1980 में विकसित किया गया। इसका एक नया संस्करण, एएसएलवी का प्रक्षेपण 1992 में सफलतापूर्वक किया गया। उपग्रह प्रक्षेपण यान कार्यक्रम में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए पीएसएलवी और जीएसएलवी के साथ भारत ने प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी में उल्लेखनीय प्रगति की है।

क्या है पीएसएलवी

सामान्यत: पीएसएलवी के संक्षिप्त नाम से प्रसिद्ध ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (Polar Satellite Launch Vehicle) इसरो का पहला ऑपरेशनल प्रक्षेपण यान है। पीएसएलवी 1600 किलोग्राम भार के उपग्रहों को ध्रुवीय कक्षा में 620 किलोमीटर पर और 1050 किलोग्राम भार के उपग्रहों को अंतरण कक्षा में प्रक्षेपित करने में सक्षम है। प्रथम चरण मोटर के साथ छह स्ट्रेप-ऑन का समूह जुड़ा है, जिनमें से चार भूमि पर प्रज्वलित किए जाते हैं और दो हवा में प्रज्वलित किए जाते हैं। सितम्बर, 2012 तक पीएसएलवी की 21 निरंतर सफल उड़ानें रहीं। इसरो के प्रक्षेपण यान के रूप में पीएसएलवी की स्थिति लंबी रेस के घोड़े की जैसी है।

शानदार रही हैं पीएसएलवी की उपलब्धियां

9 सितंबर, 2012: पीएसएलवी-सी21 ने स्पॉट-6 एवं प्रोइटेरस का प्रक्षेपण किया।
26 अप्रैल, 2012: पीएसएलवी-सी19 ने रिसैट-1 का प्रक्षेपण किया।
12 अक्टूबर, 2011: पीएसएलवी-सी18 ने मेघा-ट्रॉपिक्स, जुगुनू, एसआरएमसैट और वेसेलसैट-1 का प्रक्षेपण किया।
15 जुलाई, 2011: पीएसएलवी-सी17 ने जीसैट-12 का प्रक्षेपण किया।
20 अप्रैल, 2011: पीएसएलवी-सी16 ने रिसोर्ससैट-2, यूथसैट तथा एक्स-सैट का प्रक्षेपण किया।
12 जुलाई, 2010: पीएसएलवी-सी15 ने कार्टोसैट-2बी, एलसैट-2ए, एनएलएस 6.1 तथा 6.2 और स्टुडसैट प्रक्षेपितत किए।
23 सितंबर, 2009: पीएसएलवी-सी14 ने ओशनसैट-2 और छह नानो उपग्रह प्रक्षेपित किए।
20 अप्रैल, 2009: पीएसएलवी-सी12 ने रिसैट-2 और अनुसैट प्रक्षेपित किए।
22 अक्टूबर, 2008: पीएसएलवी-सी11 ने चंद्रायन-1 प्रक्षेपित किया।
28 अप्रैल, 2008: पीएसएलवी-सी9 ने कार्टोसैट-2ए, आईएमएस-1 तथा आठ नानो-उपग्रह प्रक्षेपित किये।
23 जनवरी, 2008: पीएसएलवी-सी10 ने टेकसार प्रक्षेपित किया।
23 अप्रैल, 2007: पीएसएलवी-सी8 ने एजाइल प्रक्षेपितत किया।
10 जनवरी, 2007: पीएसएलवी-सी7 ने कार्टोसैट-2, एसआरई-1, लापान-टबसैट और पिहुएनसैट-1 प्रक्षेपित किए।
5 मई, 2005: पीएसएलवी-सी6 ने कार्टोसैट-1 तथा हैमसैट प्रक्षेपित किए।
17 अक्तूबर, 2003: पीएसएलवी-सी5 ने रिसोर्ससैट-1 (आईआरएस-पी6) प्रक्षेपित किया।
12 सितंबर, 2002: पीएसएलवी-सी4 ने कल्पना-1 (मेटसैट) प्रक्षेपित किया।
22 अक्टूबर, 2001: पीएसएलवी-सी3 ने टीईएस प्रक्षेपित किया।
26 मई, 1999: पीएसएलवी-सी2 ने ओशनसैट (आईआरएस-पी4), किटसैट-3 और डीएलआर-टबसैट को प्रक्षेपित किया।
29 सितंबर, 1997: पीएसएलवी-सी1 ने आईआरएस-1डी प्रक्षेपित किया।
21 मार्च, 1996: पीएसएलवी-डी3 ने आईआरएस-पी3 प्रक्षेपित किया।
15 अक्तूबर, 1994: पीएसएलवी-डी2 ने आईआरएस-पी2 प्रक्षेपित किया।
20, सितंबर, 1993: पीएसएलवी-डी1 ने आईआरएस-1ई प्रक्षेपित किया, लेकिन यह प्रक्षेपण सफल नहीं हो पाया।
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