रियो डी जेनेरो। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी)ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कहा है कि अगले वर्ष ब्राजील में होने वाले रियो ओलंपिक में चोटी के शरणार्थी एथलीट ओलंपिक झंडे के तहत इन खेलों में हिस्सा ले सकेंगे। आईओसी के अध्यक्ष थामस बाक ने संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वे शीर्ष एथलीट जिनके पास न घर है और न ही प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई देश वे 2016 रियो ओलंपिक में ओलंपिक झंडे के तहत हिस्सा ले सकेंगे। संयुक्त राष्ट्र के 193 में से 180 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे 'ओलंपिक संधिÓ करार दिया है। (27 अक्टूबर, 2015)

