
➔ फाइनल में अर्जेन्टीना को 1-0 से हराया
➔ जर्मनी का चौथा वर्ल्ड कप
➔ 24 साल बाद यानी 1990 के बाद जर्मनी फिर चैंपियन
➔ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के रूप में फाइनल में विजयी गोल दागने वाले पहले खिलाड़ी बने गोएत्जे
➔ सेमीफाइनल में ब्राजील को 7-1 से हराया था जर्मन टीम ने
नई दिल्ली। जर्मनी वर्ल्ड कप फुटबॉल-2014 का विजेता बन गया है। रियो डी जेनेरियो (ब्राजील ) के माराकाना स्टेडियम में हुए फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में जर्मनी ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। दोनों हाफ गोल रहित रहने के बाद जर्मनी की ओर से मैच का एकमात्र गोल अतिरिक्त समय में किया गया। यह गोल गोएत्जे ने किया। जर्मनी का ये चौथा वर्ल्ड कप खिताब है।पहली बार दक्षिण अमेरिका में चैंपियन बनी कोई यूरोपियन टीम है जर्मनी। जर्मनी ने 1990 के अंदाज में 2014 को अंजाम दिया। अर्जेंटीना और जर्मनी के बीच हुए इस फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच का अंतर है ये मारियो गोएत्जे का 113वें मिनट में किया गया गोल। 1954, 1974 और 1990 के बाद जर्मनी चौथी बार वर्ल्ड चैंपियन बना। ये भी संयोग ही है कि इससे पहले आखिरी बार यानी 1990 में अर्जेंटीना को इसी अंतर यानी 1-0 से हराकर जर्मनी चैंपियन बना था।
जितना अहम मुकाबला था टक्कर भी उतनी ही जोरदार रही। पूरे 90 मिनट का खेल गोल की तलाश में ही खत्म हो गया। एक पल जर्मनी के हीगुआन की कोशिश परवान नहीं चढ़ पाई तो दूसरे पल अर्जेंटीना के स्टार लियोनल मेसी गोलपोस्ट के पास चूक गए। ऐसा और भी कई बार हुआ। 90 मिनट का समय बिना गोल के खत्म हो गया। इंजरी टाइम में भी जब कोई गोल नहीं हुआ तो अतिरिक्त समय दिया गया।
अतिरिक्त समय में भी पहला हॉफ जब खत्म हुआ तो वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला पेनाल्टी शूटआउट में जाता नजर आने लगा। इसी बीच आंद्रे शर्रेल बायीं लाइन पर गेंद लेकर तेजी से आगे बढ़े और उतनी ही तेजी से गोएत्जे ने उनको बैक किया। शर्रल ने गोएत्जे को गोलपोस्ट के करीब पास बढ़ाया। थोड़ी ही देर पहले सब्स्टीट्यूट (स्थानापन्न) बनकर खेलने आए जिस अंदाज में गोएत्जे ने उसे गोलपोस्ट का रास्ता दिखाया, उसे टूर्नामेंट के बेहतरीन गोल में से एक कहा जा सकता है।
गोएत्जे वर्ल्ड कप फाइनल में विजेता गोल दागने वाले पहले सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी बने। विश्व कप में लगातार तीसरी बार कोई यूरोपियन टीम चैंपियन बनी। जर्मनी ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 18 गोल किए। इससे पहले 2002 वर्ल्ड कप में ब्राजील ने सबसे ज्यादा 18 गोल दागे थे।
वर्ल्ड कप में लियोनेल मेसी की टीम पहली बार पिछडी, वो भी सिर्फ सात मिनट के लिए। लेकिन इन सात मिनटों के अंतर ने ऐसे घाव दिए जिसे भरने में शायद वर्षों लग जाएं। अर्जेंटीना से बॉर्डर पार कर ब्राजील आए फैंस निराश होकर वापस गए। दूसरी तरफ जोकिम लो और उनकी टीम ने राष्ट्रपति एंजेला मर्केल की मौजूदगी में जी भरकर जश्न मनाया और दुनियाभर में जर्मन टीम के फैंस को खुशी मनाने का मौका दिया।

