जयपुर। राजस्थान विधानसभा ने 'राजस्थान डायन-प्रताडऩा निवारण विधेयक, 2015' को ध्वनिमत से पारित कर दिया। अब किसी महिला को डायन, डाकन, डाकिन कहने या उसे इन नामों से प्रचारित करने या प्रताडि़त करने वालों के लिए एक से सात तक की सजा और 50 हजार रुपए के जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा टोने-टोटके व झाड-फूंक से इलाज करने वालों के लिए भी विधेयक में कड़े प्रावधान किए गए हैं। डायन या डाकन बताकर महिला की प्रताडऩा के दौरान मौत हो गई तो आजीवन कारावास तथा एक लाख जुर्माने तक हो सकेगा। विधेयक में सामूहिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। न्यायालय पीडि़ता को जुर्माने का कम से कम 60 प्रतिशत प्रतिकर के रूप में देने का आदेश देगी। इसमें अधिकतम सीमा कितनी भी हो सकती है। (9 अप्रेल, 2015)

