जयपुर। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में सफलतापूर्वक कैडेवर ट्रांसप्लांट किया गया। चौदह साल की ब्रेन डेड बालिका राधारानी की किडनी और लिवर के कैडेवर ट्रांसप्लांट से तीन लोगों को नई जिंदगी मिली। एसएमएस अस्पताल में दो मरीजों बृजकिशोर (40) और शकुंतला देवी (35) को किडनी लगाई गई। एक सैन्य अधिकारी की पत्नी को लगाने के लिए लिवर वायुसेना के विमान से दिल्ली भेजा गया। जहां सेना अस्पताल में यह सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया गया।
चौथ का बरवाड़ा (सवाईमाधोपुर) राधारानी के नाम पर एसएमएस अस्पताल के पोस्ट ट्रांसप्लांट वार्ड का नाम राधारानी के नाम पर रखा जाएगा। बालिका के परिजनों को प्रॉयोरिटी कार्ड दिया गया जिसके आधार पर उनका एसएमएस अस्पताल में आजीवन नि:शुल्क उपचार होगा।
उल्लेखनीय है कि किसी भी ब्रेन डेड व्यक्ति के अंगों को जीवित व्यक्ति के लगाने को 'केडेवर ट्रांसप्लांट' कहा जाता है। (25 फरवरी, 2015)

