जयपुर। राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान तंग करने वाली मुकदमेबाजी (निवारण) विधेयक, 2015 पारित कर दिया है। विधेयक में इस बात का ध्यान रखा गया है कि मौलिक अधिकारों का हनन नहीं हो। किसी व्यक्ति को तंग करने वाले मुकदमेबाज के रूप में घोषित करने का अधिकार सिर्फ महाधिवक्ता, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल तथा उच्च न्यायालय की अनुमति प्राप्त व्यक्ति को होगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय विधि आयोग की 2005 की रिपोर्ट में लगातार आधारहीन मामले फाइल करने और न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वाले मुकदमेबाजों पर अंकुश लगाने की बात थी। देश में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा एवं मध्यप्रदेश के बाद राजस्थान इस विधेयक को लागू करने वाला पांचवां राज्य है। (21 सितंबर, 2015)

