जयपुर। राजस्थान विधानसभा ने प्रदेश में विशेष आर्थिक जोन की स्थापना एवं उनके संचालन के लिए राजस्थान विशेष आर्थिक जोन विधेयक, 2015 पारित कर दिया। उद्योग मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि इस विधेयक की मदद से एकल खिड़की प्रणाली के जरिए प्रदेश में विशेष आर्थिक क्षेत्रों के प्रकरण शीघ्रता से निपटाए जा सकेंगे। इस विधेयक से प्रदेश के भिन्न-भिन्न विभागों और एजेन्सियों द्वारा विशेष आर्थिक क्षेत्र परियोजनाओं की समन्वित तरीके से मॉनिटरिंग करने में भी मदद मिलेगी। विधेयक में मल्टीपरपज सेज की सीमा अब 500 हैक्टेयर की गई है, जबकि पूर्व में यह 1000 हैक्टेयर थी। इसके अलावा आईटी के लिए अब 25 हजार से 1 लाख वर्गमीटर क्षेत्र का प्रावधान इस विधेयक में किया गया है। जबकि पूर्व में यह 10 हैक्टेयर थी। विकासकर्ता को राज्य सरकार या सीधे जमीन खरीदने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि निवेशक अगर समय पर काम नहीं करता है तो उसे डिनोटिफाइड कर अन्य को जमीन दे दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विशेष आर्थिक जोन की स्थापना एवं उनके संचालन के लिए राजस्थान विशेष आर्थिक परिक्षेत्र विकास अधिनियम, 2003 (राज्य अधिनियम) लाया गया था। वर्ष 2005 में केंद्र सरकार भी विशेष आर्थिक जोन अधिनियम लेकर आई थी। इसमें सेज संबंधी शक्तियां राज्य सरकारों को दी गई थी। (6 अप्रेल, 2015)

