नगर निगम में सीईओ का पद होगा आयुक्त
जयपुर। राजस्थान विधानसभा ने नगरपालिका अधिनियम, 2009 में संशोधन करते हुए राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2015 को पारित कर दिया। नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 2 (13) (क) में संशोधन करते हुए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) के पदनाम को बदलकर कमिश्नर (आयुक्त) कर दिया है। इसके अलावा धारा 332 के तहत एडिशनल और डिप्टी कमिश्नर की नियुक्ति की प्रावधान भी जोड़े गए हैं। अब नगर निगम के जोन के मुख्य अधिकारी उपायुक्त कहलाएंगे। इसके अलावा अधिनियम की धारा 55 (3) (2) के तहत अब से 1 से 50 वार्डों के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता समिति और 51 से 75 वार्डों के लिए दो और 75 से अधिक वार्डों के लिए तीन समितियों का गठन होगा। अधिनियम में नई धारा 69-क जोड़ी गई है जिसके तहत नगरपालिकाओं को ऐसे व्यक्तियों को पट्टे जारी करने का अधिकार दिया गया है जो उनकी सीमाओं के भीतर स्थित जमीन के वैध मालिक तो हैं लेकिन उनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं। (6 अप्रेल, 2015)

