जयपुर। राजस्थान विधानसभा ने 'राजस्थान विधियां निरसन विधेयक, 2015' को पारित कर दिया है। इसके तहत 248 पुराने अनुपयोगी कानून रद्द कर दिए गए हैं। इनमें पिछली कांग्रेस सरकार की ओर से बनाए गए सुनवाई और काम की गारंटी का अधिकार के कानून भी शामिल हैं। विधि एवं विधिक कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने सदन में बताया कि राजस्थान के प्रचलित कानूनों के अध्ययन में यह सामने आया कि वर्तमान में 412 मूल अधिनियम हैं, जिनमें से 61 अनुपयोगी हैं। इसी प्रकार 197 संशोधित अधिनियमों में से 187 की वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कोई उपयोगिता नहीं रह गई है। सभी प्रशासनिक विभागों ने इनका परीक्षण किया और 248 मूल और संशोधित अधिनियमों को निरस्त किए जाने पर अपनी सहमति प्रकट की। (22 सितंबर, 2015)

