
22 एजेंसियों से हुआ एमओयू
15 लाख युवा करेेंगे 5 साल में ट्रेंड
पीपी मोड पर स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित होगी
जयपुर। राजस्थान सरकार ने 'आजीविका स्किल्स प्रोजेक्ट' की शुरुआत की है। इसके लिए 22 एजेंसियों से एमओयू हुआ। ये एजेंसियां बेरोजगारों को विभिन्न कार्यों की ट्रेनिंग देंगी जिनमें से 75 फीसदी को रोजगार भी मिलेगा। सरकार ने अगले 5 साल में 15 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया है।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सीएमओ में इसकी शुरुआत की। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के प्रबंध निदेशक गौरव गोयल और 22 एजेंसियों के प्रतिनिधियों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि ट्रेनिंग करने वालें युवाओं के लिए ये साल टर्निंग पॉइंट साबित होगा। इसको देखते हुए ही राज्य सरकार ने लेबर एक्ट व फैक्ट्रीज एक्ट में संशोधन किए हैं, जिससे रोजगार का बेहतर माहौल बन सके। राज्य में पीपीपी मोड पर स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने जा रहे हैं। प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश में 398 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
ये हैं एमओयू करने वाली 22 एजेंसियां
मानव विकास एवं सेवा संस्थान, ए फॉर ई इंडिया, महाराणा प्रताप एज्यूकेशनल सेंटर, नाइस कम्प्यूटर, केयर एज्यूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी, आरवीएस एज्यूकेशनल ट्रस्ट, ओमनी सॉफ्ट टेक्नालॉजी प्रा.लि., एएसटीएम, ईएसडीएल, नीफा इंफोकॉम प्रा.लि., सीपीआईटी एज्यूकेट, लोक भारती, फोकस एज्यूकेयर, प्रयास जूवेनाइल एड सेंटर सोसायटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेच्यूरल रिसोर्सेज मैनेजमेंट, स्काइलार्क इंफोवेव्ज प्रा.लि., सिक्यूरिटी स्किल्स काउसिंल इंडिया लि., लॉरस एज्यूटेक प्रा.लि., आइडल एज्यूकेशन प्रा.लि., ओरियन एज्यूकेट प्रा.लि. एवं एसएलवी सिक्यूरिटी सर्विसेज प्रा.लि.।
इन कार्यों में किया जाएगा दक्ष
सभी जिलों में एक लाख ग्रामीण युवाओं को गॉरमेंट मॉकेर्टिंग, हॉस्पिटिलिटी, आईसीटी, फूड प्रोसेसिंग, बैकिंग एंड अकाउंटिंग, कूरियर एंड लॉजिस्टिक्स, ब्यूटी कल्चर एंड हेयर ड्रेसिंग, ट्रैवल एंड टूरिज्म, मेटेरियल मैनेजमेंट, सिक्यूरिटी, हैल्थ केयर, मेडिकल एंड नर्सिंग, ऑटोमोटिव रिपेयर, कंस्ट्रक्शन, रिटेल, फेब्रिकेशन, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कृषि आदि क्षेत्रों में नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण देगी। इनमें 34 हजार महिलाएं होंगी।