जयपुर। राज्य सरकार ने राज्य में झीलों के विकास और उनके संरक्षण के लिए झील विकास प्राधिकरण अध्यादेश मंजूर राजस्थान झील (संरक्षण और विकास) प्राधिकरण अध्यादेश-2015 को मंजूरी दे दी है। इस अध्यादेश की पालना न करने वाले को दो वर्ष की सजा या जुर्माने से दंडित किया जा सकेगा। इस अध्यादेश के अमल में आने के बाद अब नगरीय निकायों व पंचायतों झील के आसपास के क्षेत्र में विकास या सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों के लिए प्राधिकरण की स्वीकृति लेनी आवश्यक होगी। झील विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा जिसमें एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और सात स्थाई सदस्य होंगे। इसके अलावा 20 अस्थाई सदस्य भी इसमें शामिल होंगे, जिनका कार्यकाल तीन साल का होगा। इस प्राधिकरण को प्रति छह माह में एक बैठक करना अनिवार्य होगा।

