जयपुर। राजस्थान विधानसभा ने 'राजस्थान भारतीय चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2015' को पारित कर दिया है। अब प्रदेश में वैध, हकीम, दाई का काम करने वालों को कानूनी मान्यता मिलेगी और उनका रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा। इससे प्राकृतिक चिकित्सा और योग पद्घति का विकास होगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने सदन को बताया कि प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्घति सबसे बड़ी है तथा वर्तमान में 5 हजार 137 चिकित्सा केंद्र एवं 14 महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। राज्य में दो सरकारी प्राकृतिक चिकित्सालय, एक योग केन्द्र तथा 33 योग व प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र एवं 3 औषधालय काम कर रहे हैं। (22 सितंबर, 2015)

