
* स्वास्थ्य मंत्री ने की विधानसभा में घोषणा
* राजस्थान में होगी 73000 डॉक्टर व नर्सों की भर्ती
* सभी मेडिकल कॉलेजों में अलग से बनेगा आपातकालीन विभाग
* निजी मेडिकल शिक्षण संस्थानों पर नियंत्रण के लिए क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू होगा
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने विधानसभा में घोषणा की कि डॉक्टर व नर्सों समेत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न संवर्गों के रिक्त पड़े 73 हजार से अधिक पदों को 'वाक इन इंटरव्यू' के जरिए भरा जाएगा। उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों में अलग से एक आपातकालीन विभाग और राज्य में आयुष नीति बनाने की भी घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री के जवाब के बाद सदन ने चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य और सफाई की 65.97 अरब रुपए की अनुदान मांगे परित कर दीं। राठौड़ ने कहा कि दस जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, उदयपुर, राजसंमद, बांसवाड़ा, डुंगरपुर, बूंदी, धौलपुर और करौली में कार्यरत चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों को परफॉर्मेंस के आधार पर प्रतिमाह 35 हजार रुपए तक इन्सेन्टिव दिया जाएगा। साथ ही निजी मेडिकल शिक्षण संस्थानों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश में शीघ्र ही क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू किया जाएगा।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध चिकित्सालयों में खाली पड़े गायनिक, पिडियाट्रिक, एनेस्थेटिक के पदों को भरने के लिए मेडिकल यूनिवर्सिटी के माध्यम से एक साल का पीजी कोर्स कराया जाएगा। इस कोर्स में पांच साल की सेवा कर चुके या जिनके दस साल सेवानिवृत्ति में बचे हैं, एेसे सामान्य चिकित्सकों को शामिल किया जाएगा। इस कोर्स के बाद चिकित्सकों को संबंधित पदों पर नियुक्ति के साथ दो इंक्रीमेंट भी दिए जाएंगे।
डॉक्टरों से भराया जाएगा बांड
सीएएस पद पर रहते हुए पीजी करने वाले डॉक्टर से पांच साल सरकारी सेवा में रहने का 50 लाख रुपए का बांड और एमबीबीएस कर चिकित्सक लगने वाले से दो साल की सरकारी सेवा में रहने के लिए पांच लाख का बांड भरवाया जाएगा। इसी प्रकार पीजी करने वाले छात्रों से 15 लाख रुपए का बांड और पांच साल सरकारी सेवा में अनिवार्यता की शर्त रखी जाएगी। मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी को पूरा करने के लिए एसएस व जेएस की स्क्रिनिंग की जाएगी।मेडिकल क्षेत्र के लिए ये घोषणाएं
⧫ निजी चिकित्सालयों में हेल्प-डेस्क की स्थापना कर रोगी मित्र लगाए जाएंगे, जो गरीब और बीपीएल मरीजों के इलाज पर नजर रखेंगे।⧫ डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी के लिए हाल ही में ईजाद पेंटावेलेंट वैक्सीन मुफ्त लगाया जाएगा।
⧫ 1600 चिकित्सा संस्थाओं में हाइपोथर्निया की बीमारी से बचाव के लिए रेडिएन्ट वार्मर की सुविधा।
⧫ पीपीपी मोड के तहत खुली निविदा के माध्यम से स्वयंसेवी संस्थाओं को पीएचसी देने की योजना।

