साइबेरियन क्रेन की रक्षा के उपाय करेगी सरकार
Posted on Sep 02 2014 | Author: Site Admin
फलौदी के निकट खींचन गांव में आती हैं कुरजा
जयपुर। जोधपुर जिले में फलौदी के निकट स्थित खींचन गांव में पिछले कई वर्षों से हजारों की संख्या में आ रहे साइबेरियन क्रेन (कुरजा) की सुरक्षा के लिए सरकारी स्तर पर उपाय किए जाएंगे। विधानसभा में पंचायती राज मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि खींचन गांव सेंट्रल यूरेशिया, चीन व मंगोलिया के गोबी रेगिस्तान से आने वाले डेमोइसेल क्रेन पक्षियों की शरण स्थली के रूप में प्रसिद्घ है। अपने विशेष रंग की वजह से ये लोगों को आकर्षित करते हैं और इसी वजह से इस क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग ग्रामीण पर्यटन योजनान्र्तगत ग्राम खींचन में 48.05 लाख रुपए के विकास कार्य राजस्थान पर्यटन विकास निगम के माध्यम से कराए गए, जिनमें मुख्य सड़क से विजय सागर तक सीमेंट कंक्रीट रोड, पार्किंग स्थल का निर्माण, घाटों का विकास, फर्श का निर्माण कार्य, व्यू पॉइंट एवं साइनेजेज का निर्माण एवं बैठक व्यवस्था के लिए बैंचों का निर्माण शामिल हैं।