जयपुर। शिक्षा विभाग की ओर से बिड़ला सभागार में 20वां राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर सरकारी स्कूलों में करीब 13 करोड़ रुपए का सहयोग करने वाले 43 भामाशाहों और 14 प्रेरकों को शिक्षामंत्री कालीचरण सराफ ने सम्मानित किया। जयपुर के नारायण गुरवानी १२वीं बार सम्मानित हुए।
इस अवसर पर सराफ ने जन सहायता और विकास के लिए दान देने की प्रदेश की वर्षों पुरानी परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि न केवल प्रदेश, बल्कि देश में धर्मार्थ और समाज सेवार्थ जो संस्थाएं संचालित हैं, उनमें प्रदेशवासियों और प्रवासी राजस्थानियों का महत्वपूर्ण योगदान है।
इन्हें मिला भामाशाह सम्मान
शिक्षामंत्री ने जयपुर के नारायण दास गुरनानी, जयपुर की इंफोसिस बीपीओ लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक गोवर्धन शर्मा, राम गोपाल चौधरी, जोधपुर के बद्रीराम जाखड़, राजेंद्र गहलोत, अशोक कुमार सैनी, मुंबई के सीतादेवी मालपानी, पन्नालाल राणावत, रमेश झवेरी, विनोद नेवटिया, राजेश सिंधी, बस ऑपरेटर्स यूनियन करौली के हरिचरन लाल शर्मा, चेन्नई के पी.प्यारे लाल जैन, अलवर के एचएस दुआ, तमिलनाडु के शुभकरण शर्मा, नारायण लाल, कोलकाता की कमला प्रसाद काजडिय़ा और नेमीचंद तोसनीवाल, विशाल गुप्ता, भीलवाड़ा के कुंदन मल नाहर, मुरारी लाल खंडेलवाल, पाली के मनोज महला, अलवर के अमलान कुमार, डॉ.एस.सी मित्तल, केसी नवीन कुमार, छत्तीसगढ़ के डॉ. महेश शर्मा, अलवर के एपी श्रंगी और डॉ. वीके अग्रवाल, बूंदी के शंभु सिंह सोलंकी और युवराज राठौड़, झुंझुनूं के रामकिशन शाह और राजेंद्र सिंह, नई दिल्ली के जोधराज बैद, चूरू के ओमप्रकाश चौधरी और भरतपुर के दौलत सिंह मीणा को सम्मानित किया।
इन प्रेरकों का भी हुआ सम्मान
भामाशाहों को प्रेरित करने वाले 14 प्रेरकों को भी सम्मानित किया गया। इनमें भरतपुर के रमेशचंद शर्मा, पाली के तेजसिंह जागरवाल, बृजराज शर्मा, ईश्वर सिंह राणावत, नूतन बाला कपिला, तेजराज जैन, परबत सिंह राठौड़ और जगन्नाथ सोलंकी, जोधपुर के एमआर दायमा, अलवर के अशोक कुमार आहूजा, राजेश कुमार, सीकर के विष्णु प्रसाद, प्रतापगढ़ के सुरेश चंद्र पाटीयार और झुंझुनूं के नरेंद्र कुमार शामिल हैं।