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यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज साइट में शामिल हुआ रामप्पा मंदिर

Posted on Jul 26 2021 | Author: Ashok Sharma

यूनेस्को की ओर से तेलंगाना राज्य में स्थित 800 साल पुराने रुद्रेश्वर मंदिर को विश्व धरोहर घोषित किया गया है।
महान काकतीय वंश के शासक रुद्र देव ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इस मंदिर के शिल्पकार रामप्पा थे, इसी कारण इस मंदिर को रामप्पा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज साइट में शामिल होने वाला रुद्रेश्वर मंदिर तेलंगाना की पहली विश्व धरोहर है।
यूनेस्को की ओर से 25 जुलाई, 2021 को ट्वीट कर इस मंदिर को विश्व धरोहर घोषित करने की जानकारी दी गई। चीन के फूजौन प्रांत की अध्यक्षता में आयोजित यूनेस्को विश्व विरासत समिति के 44वें सत्र की बैठक के दौरान ये फैसला लिया गया है.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रयासों से काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर को यूनेस्को की सूची में स्थान मिला है।
वारंगल की हनमकोंडा पहाड़ी पर स्थित रामप्पा मंदिर में भगवान शिव, श्री हरि और सूर्य देवता की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इस मंदिर का विशाल प्रवेश द्वार है, जिस पर भगवान महादेव के प्रिय नन्दी की विशाल प्रतिमा है। काले पत्थर की यह प्रतिमा बहुत मनोहारी है।
मंदिर में हजार स्तम्भ हैं, जिन पर बारीक वास्तुकला है। इतनी बारीक कि इनमें सूई से भी छोटे छेद किए गए हैं। सबसे खास बात मंदिर में विराजित देवी प्रतिमा कहीं से भी देखने पर कोई स्तम्भ बीच में नहीं आता है।
800 साल पहले इसके निर्माण में 72 वर्ष लगे थे। इसमें भगवान गणेश की एक प्रतिमा में तो भूकम्परोधी तकनीक का उपयोग किया गया है। इस 5 फीट ऊंची प्रतिमा की स्थापना में सैंडबॉक्स तकनीक का उपयोग करते हुए इसके नीचे बालू भरी गई है।
तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव ने कहा है कि रुद्रेश्वर मंदिर के बाद अब राजधानी हैदराबाद शहर को वर्ल्ड हैरिटेज सिटी बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

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